COVID-19 कोरोना वायरस क्या है ? (Corona Virus) इसके लक्षण और बचाव

Covid-19, Corona virus kya hai in hindi

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Corona virus kya hai in hindi

कोरोनावायरस

नोवल कोरोनावायरस, COVID-19 नाम चाहें कुछ भी हो पर बीमारी सिर्फ एक हीं  है Corona Virus Disease । कोरोना शब्द लैटिन भाषा से लिया गया है, जिसका अर्थ होता है, क्राउन यानी की ताज़ ( मुकुट ) और इस वायरस के सतह को देखने पर एक क्राउन सी कटीली आकृति दिखती है, इसलिए इसका नाम कोरोना वायरस रखा गया।

सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल ऐंड प्रिवेंशन के अनुसार कोरोना वायरस वायरसों का एक समूह है, जिसके संक्रमण पर फ़्लू जैसे लक्षण दीखते हैं । बुखार, नाक का बहना, खांसी, गले में दर्द इस तरह के लक्षण दिखाई देते हैं।

1930 में पहली बार इसके बारे में पता चला था, जो की मुर्गियों में पाया गया था। जानवरों में कोरोनावायरस सांस, आंत, जिगर आदि की समस्या पैदा करता है। सिर्फ सात तरह के कोरोना वायरस ऐसे हैं जो इंसान में बीमारी फैलाते हैं।

चार कोरोना वायरस ऐसे हैं जिनकी वजह से इंसान में साधारण सर्दी जुकाम की समस्या होती है। उनके नाम 229ई, ओसी43, एनएल63, और एचयूके1 हैं।

तीन कोरोनावायरस इंसान में फेफड़े का गंभीर संक्रमण पैदा करते हैं 2002 में SARS-CoV, 2012 में MERS-CoV (Middle East respiratory syndrome) और बर्तमान में COVID-19।

COVID-19 नाम क्यों रखा गया ?

COVID-19 संक्षेप में इस वायरस को कहा जाता है अगर full form की बात करें तो इसका पूरा नाम Corona virus diseases है।

2019 में फैलने के कारन इसके नाम के साथ 19 जोड़ दिया गया। Corona का CO, virus का VI और diseases के D को मिलाकर COVID-19 नाम रखा गया।

जिसका नामकरण विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा 11 फरवरी 2020 को रखा गया।

नोवल कोरोना वायरस क्या है ?

नोवल कोरोना वायरस यानी कि यह नया वायरस है। अब से पहले यह इंसान में नहीं पाया गया है। यानी कि यह उन कोरोना वायरसों से अलग है जिसकी वजह से साधारण सर्दी जुकाम की समस्या होती है और यह 2002 के सार्स एवं 2012 के मर्स वायरस से भी अलग है।

सार्स और मर्स की तरह ही नोवल कोरोनावायरस भी जूनोटिक बीमारी है। जूनोटिक बीमारी वो बीमारी होती है जो जानवर में पाई जाती  है और जानवर से इंसान में फैलती है।

कोरोनो वायरस संक्रमण के लक्षण क्या हैं ?

मनुष्य के शरीर में इसके वायरस के पहुँचने के बाद फेफड़ों को संक्रमित करते हैं जिससे सबसे पहले बुख़ार, उसके बाद सूखी खांसी आती है, बाद में सांस लेने में दिक्कत हो सकती है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार बीमारी के लक्षण दिखने में 1 से 14 दिन का समय लग सकता है। शुरुआत में इस बीमारी के लक्षण साधारण सर्दी जुखाम और बुखार जैसे हीं होते हैं।

कोरोनो वायरस संक्रमण से कैसे बचें ?

Korona Virus se kaise bachen
Korona Virus se kaise bachen

संक्रमण से बचने के उपाय

ये लेख लिखे जाने तक COVID-19 के लिए मेडिसिन बनाने का काम जोर शोर से चल रहा है, पर अभी तक इसकी दवाई नहीं बनाई जा सकी है।

इसलिए इस बीमारी या बीमार से दूरी बना कर हीं इससे बचा जा सकता है।

जैसा की हमने लेख में पढ़ा, चुकी यह बीमारी तुरंत अपने लक्षण नहीं दिखाती तो संक्रमित व्यक्ति की पहचान भी तुरंत नहीं हो सकती। अतः हमें जीतनी ज्यादा हो सके लोगों से दूरी बना कर घर में हीं  रहना चाहिए।

अगर बाहर जाना बहुत आवश्यक हो तो बाहर जाते समय मास्क का उपयोग करना चाहिए। घर से बाहर किसी व्यक्ति से कम से कम 1 या 2 मीटर की दूरी अवश्य रखनी चाहिए।

किसी से हाथ न मिलाएं। बहार किसी भी वस्तु  को अनावश्यक रूप से स्पर्श न करें। घर से बाहर की स्थिति में अपने मुंह, कान, नाक आदि को स्पर्श न करें।

खासते या छीकते वक़्त टिशू या अपने कुहनी से मुंह को ढकें।  पब्लिक प्लेस के किसी चीज़ का स्पर्श होने पर सेनेटाइजर का उपयोग करें  या साबुन से हाथ धोएं। साधारण शब्दों में बचाव हीं उपाय है।

कोरोना वायरस से बचाव के लिए सामजिक दूरी के साथ शरीर के रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना हि इसके बचाव का सर्वोत्तम उपाय है।

रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए फलों में संतरा, कीवी, निम्बू, अमरुद, अंगूर आदि और सब्जी में टमाटर, ब्रोकोली, फूलगोभी, ब्रुसेल्स स्प्राउट्स और शिमला मिर्च आदि का सेवन करें।

भारत सरकार द्वारा आपके सुरक्षा और corona (COVID-19) की जानकारी के लिए एक मोबाइल एप्लीकेशन बनाया गया है। इसे download करने के लिए यहां क्लिक करें।

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