ED (प्रवर्तन निदेशालय) क्या है? कैसे काम करता है?

ED kya hai in hindi

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ED kya hai
Enforcement Directorate Ed kya hai
ED Kya hai?

हम अक्सर बड़े बड़े केस में ये सुनते हैं की फलां जगह या फलां आदमी पर ED का छापा, पर क्या कभी आपने सोचा है ये ED ( प्रवर्तन निदेशालय ) क्या है? भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के अधीन एक विशेष वित्तीय जांच एजेंसी का नाम है ED. आय से अधिक संपत्ति का मामला हो या Money Laundering या फिर विदेशी सम्पत्ति का मामला, ED इस सन्दर्भ में जाँच या पूछताछ करती है। तो आइये विस्तार में जानते हैं  ED (प्रवर्तन निदेशालय) क्या है, ED का फुल फॉर्म क्या है, ED के अधिकार क्या हैं, और ED कैसे कार्य करता है?

ED (प्रवर्तन निदेशालय) क्या है?

ED ( प्रवर्तन निदेशालय ) जिसकी स्थापना 01 मई, 1956 को की गई थी। यह एक ख़ुफ़िया एजेंसी है जो भारत में होने वाले वित्तीय अपराध यानी की पैसों की हेराफेरी के मामले में नज़र रखती है या जाँच करती है। ED (प्रवर्तन निदेशालय)  का मुख्यालय ( Headquarter ) नई दिल्ली में है।

ED में उच्च पदों पर अधिकारियों की नियुक्ति आईएएस, आईपीएस, आईआरएस रैंक के अधिकारियों में से हीं की जाती है। क्षेत्रीय कार्यालय दिल्ली, चंडीगढ़, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई के प्रमुख विशेष निदेशक प्रवर्तन हैं।

निदेशालय में क्षेत्रीय कार्यालय अहमदाबाद, बंगलौर, चंडीगढ़, चेन्नई, कोच्ची, दिल्ली, पणजी, गुवाहाटी, हैदराबाद, जयपुर, जालंधर, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई, पटना तथा श्रीनगर के प्रमुख, संयुक्‍त निदेशक है।

निदेशालय में उप क्षेत्रीय कार्यालय अर्थात भुवनेश्वर, कोझीकोड, इंदौर, मदुरै, नागपुर, इलाहाबाद, रायपुर, देहरादून, रांची, सूरत, शिमला के प्रमुख उप निदेशक है।

ED Full form in Hindi ( ईडी का फुल फॉर्म क्या है?)

ED के Full Form की बात करें तो English में Enforcement Directorate या Directorate General of Economic Enforcement कहते हैं। वहीं हिंदी में ED को प्रवर्तन निदेशालय या आर्थिक प्रवर्तन महानिदेशालय कहते हैं।

ED के अधिकार क्या हैं? (Rights of ED in Hindi)

FERA1973 और FEMA 1999 और भगोड़ा आर्थिक अपराधी विधेयक, 2018 अधिनियम के तहत वित्तीय जांच करने का अधिकार ईडी को प्रदान है।

ED (प्रवर्तन निदेशालय) कैसे काम करता है?

विदेशी मुद्रा प्रबन्धन अधिनियम, 1999 (फेमा) अधिनियम को एक जून 2000 को लागू किया गया था। इस अधिनियम में वर्णित प्रावधानों के उल्लंघन की जांच ED ( प्रवर्तन निदेशालय ) द्वारा किया जाता है।

इसके अंतर्गत जांच प्रक्रिया के दौरान उल्लंघन सिद्ध होने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति अथवा ईकाई के ऊपर संलिप्तन राशि के तीन गुना तक की राशि का आर्थिक दण्ड लगाया जा सकता है।

धनशोधन निवारण अधिनियम, 2002 (पीएमएलए) इस अधिनियम के अंतर्गत इस बात की जाँच की जाती है की सम्बंधित व्यक्ति या इकाई ने जांच में सम्मिलित सम्पति पीएमएलए में अधिसूचित 28 कानूनों की 156 धाराओं में दण्डित अपराधों के फलस्वरूप अर्जन और बाद में उसका शोधन (लॉण्डरिंग) तो नहीं किया है।

अगर ऐसी स्थिति बनती है तो उस सम्पति को जब्त किया जाता है तथा न्यायिक प्रक्रिया पूरा होने पर सम्पति की कुर्की की जाती है।

विदेशी मुद्रा संरक्षण तथा तस्करी गतिविधि निवारण अधिनियम

दूसरे देशों को पीएमएलए के प्रावधानों के अंतर्गत धनशोधन तथा परिसंपत्तियों के प्रत्ययन के संबंध में सहयोग उपलब्ध कराना और इन मुद्दों पर सहयोग प्राप्त करना।

भगोड़ा आर्थिक अपराधी विधेयक, 2018 (FUGITIVE ECONOMIC OFFENDERS BILL – FEOB)

उम्मीद करता हूँ आपको ED क्या है, ईडी का फुल फॉर्म, ED के अधिकार, ED के कार्य से सम्बंधित जानकारी अच्छी लगी होगी तो दोस्तों के साथ शेयर जरूर करें और कोई सुझाव देना चाहते हैं तो कमेंट जरूर करें।

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